बुधवार, मार्च 25, 2020

"सोशल डिस्टेंसिंग" ही बचाव का एकमात्र उपाय


  जौनपुर। देश में 21 दिन के लॉक डाउन पर जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने जौनपुर की जनता से अपील किया है कि अगले आदेशों तक आप सब अपने-अपने घरों में रहे । लाकडाउन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करें किसी को स्पर्श ना 94544 17578 पर अपनी सूचना अवश्य व्हाट्सएप पर भेज देंगे जिससे हम पूरी व्यवस्था कर सकें।स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हर व्यक्ति जो बाहर से आया है वह कोरोना वायरस पीड़ित नहीं है लेकिन अगर उनमें से कोई एक व्यक्ति भी कोरोना वायरस पीड़ित है और किसी के संपर्क में आता है तो इससे संक्रमण फैल सकता है। इसलिए मैंने यह विनती की है और उम्मीद है मेरी इस विनती को सभी स्वीकार करेंगे। 
करें ना कोई आपको स्पर्श करें ।आप अपने आप सोशल डिस्टेंसिंग के सिद्धांतों को और सेल्फ आइसोलेशन के सिद्धांतों का पालन करें तभी हम आप क्रोनावायरस के संक्रमण को अपने पास रोक सकते हैं। आप सब संकल्प लें कि हम सब मिलकर कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकेगे और इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग व सेल्फ आइसोलेशन के सिद्धांत को को मानेंगे ।आप घरों से बाहर अनावश्यक रूप से नहीं निकले। घबराने की कोई जरूरत नहीं है ‌,केवल हम सबको सतर्कता बरतनी
है।साथ ही साथ जो भी विदेश से या किसी अति संक्रमित क्षेत्र से अपने जनपद में पिछले तीन दिन के अंदर वापस आए है वे अपनी सूचना मुख्य विकास अधिकारी के नियंत्रण में बनाए गए कंट्रोल रूम में अवश्य दें जिससे उनके स्वास्थ्य पर निगाह रखी जाए । साथ ही उन सब से भी अपील है कि आप अपने, अपने परिवार और अपने देश के हित में अपने को 14 दिन तक सेल्फ आइसोलेशन में घर में ही रखें। किसी को स्पर्श ना करें और ना कोई आपको करे।14 दिन आइसोलेशन और होम क्वॉरेंटाइन में अगर कोई भी कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दे तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल में फोन करके सूचना दें जिससे आपके स्वास्थ्य की जांच करके आगे के उपाय भी किए जा सकें। मुझे उम्मीद है कोई भी ऐसा व्यक्ति जो बाहर से आया है वह इस बात को छिपाएगा नहीं और इस आदेश का पालन करेगा। ऐसे सभी व्यक्ति मेरे मोबाइल नंबर

रविवार, मार्च 22, 2020

महानगरों से पूर्वांचल में सामूहिक रूप से अपने घर लौटे हजारों यात्री बने चुनौती

 # अरविन्द उपाध्याय

   जौनपुर। वैश्विक महामारी घोषित 'कोविड-19',से निपटने के लिए राष्ट्रव्यापी जंग के तहत रविवार को जौनपुर भी 14 घंटे के 'जनता कर्फ्यू' में शामिल हुआ, हालांकि बाद में प्रशासन ने रात में 9 बजे समाप्त होने वाली अवधि को सुबह 6 बजे तक के लिए बढ़ा दिया. जनता कर्फ्यू को
अगले दो दिन के लिए बढ़ाए जाने के एहतियाती फैसले पर भी अधिकारियों द्वारा विचार किए जाने की सूचना है. इस बीच हजारों की संख्या में महानगरों से यहां अपने घर लौट आए लोगों की स्क्रीनिंग और उनका परीक्षण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है. पलायन रोकने के लिए सभी ट्रेनों का परिचालन 31 मार्च तक रोक देने के बाद अब लोगों का आना रुक जाने की उम्मीद है.

      खबर है कि मुंबई से आने वाली गोदान एक्सप्रेस की एक संदिग्ध बोगी से शाहगंज उतरे 11 यात्रियों में से शाहगंज क्षेत्र के 9 यात्रियों को डीएम के आदेश पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सेल्फ आइसोलेशन में रखा गया है. इन यात्रियों और उनके समर्थक में आए लोगों के सैम्पल जांच के लिए बीएचयू भेज दिए गए हैं. मिली सूचना के मुताबिक इस बोगी के चार यात्रियों को जबलपुर में पॉजिटिव पाये जाने के कारण ऐसा किया गया. शाहगंज उतरे अंबेडकर नगर के तीन यात्रियों को वहां का प्रशासन देख रहा है.
        जनता कर्फ्यू के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और दुकानें बंद रहीं. सड़कों पर पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, मीडिया और सफाई कर्मियों के अतिरिक्त गिने-चुने लोग ही नजर आए. दिन भर सन्नाटे के बाद शाम को कोरोना रक्षकों के सम्मान में ताली, थाली और शंख बजाकर आभार व्यक्त करने के बाद गलियों-मुहल्लों में कुछ लोगों ने घरों से निकल कर चहलकदमी भी की.
     जनता कर्फ्यू के दौरान जौनपुर में जिला मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर अस्पताल के सामने, कोतवाली चौराहे के पास,ओलंदगंज और सिविल लाइंस में दवा की चार दुकानें छोड़कर शहर में दवा की भी सभी दुकानें बंद रहीं. सदर अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारी और सभी एंबुलेंस मुस्तैद खड़ी रही. सड़क पर बेवजह घूम रहे लोगों को पुलिसकर्मियों ने तुरंत घर जाने की सलाह दी.
      जौनपुर में रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का सामान्य आवागमन बंद रहा. रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर सफाई कर्मचारी सैनिटाइज करने के लिए मुस्तैद खड़े दिखाई दिए. ट्रेनों का आवागमन बंद होने के बीच जौनपुर में लंबी दूरी की ट्रेनों से हजारों यात्री घर लौटते दिखाई दिए. दिल्ली, मुंबई, जोधपुर, अहमदाबाद आदि महानगरों से भारी संख्या में छात्र, नौजवान और दिहाड़ी मजदूर अपने घर लौटे हैं. रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाली ट्रेनों को जौनपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर रोककर प्रशासन ने सभी यात्रियों की लाइन से स्क्रीनिंग करवा कर ही बाहर निकलने की इजाजत दी. स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बाहर से आने वाले यात्रियों के नाम पते भी नोट किए गए हैं.
   
उधर मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि वाराणसी में फूलपुर क्षेत्र के एक युवक में शनिवार को नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है. यह पूर्वांचल में कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला है। उक्त युवक दुबई से चार दिन पहले वाया दिल्ली ट्रेन से घर लौटा था। बीते गुरुवार को सर्दी-जुकाम की शिकायत पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीएचयू के वायरोलॉजी लैब की जांच में उसके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। जिला प्रशासन ने फूलपुर क्षेत्र के उक्त युवक के परिजनों को घर में आइसोलेट कराने के साथ उसके पूरे गांव में लाॅकडाउन करा दिया है. वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि 30 वर्षीय युवक सऊदी अरब में दुबई और अबुधाबी के बीच संचालित एक क्रूज में रसोइया है.शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मच गया.
     बीएचयू के सुपर स्पेशियलिटी के आइसोलेशन वार्ड में शनिवार को नौ साल की एक बच्ची व महिला समेत कुल चार नए कोरोना संदिग्धों को भर्ती किया गया है. इनमें तीन वाराणसी के रहने वाले है,जबकि एक बेगूसराय बिहार का रहने वाला है. इनके सैम्पल की जांच हो रही है. गौरतलब है कि कि शुक्रवार को बीएचयू के कोरोना वार्ड में में एक भी संदिग्ध भर्ती नहीं था.बीते दो सप्ताह में बीएचयू में भर्ती सभी कोरोना संदिग्धों की जांच रिपोर्ट निगेटिव रही. नए मरीजों को मिलाकरअब तक बीएचयू पहुंचे संदिग्धों की संख्या 29 हो गई है. सर सुन्दरलाल अस्पताल के एमएस प्रो. एसके माथुर ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित एक भी मरीज नहीं मिला है. अस्पताल से छुट्टी देने के बाद इन संदिग्धों को कोरेंटाइन का निर्देश दिया जाता है. इन मरीजों की निगरानी उनके जिले के सीएमओ और डीएम कर रहे हैं.

रविवार, मार्च 08, 2020

कोरोना वायरस के हमारे करीब होने की आहट

बीएचयू अस्पताल में दो सेम्पल पॉजिटिव पाए जाने की सूचनाओं से हड़कंप

अरविन्द उपाध्याय
  जौनपुर। अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर क़ातिल  कोरोना वायरस के फैलते आतंक की आहट अपने करीब होने की आशंका फैलने लगी है। वाराणसी स्थित 
बीएचयू अस्पताल में शनिवार को एक संदिग्ध सेम्पल पाज़िटिव पाए जाने की सूचनाओं के बाद हड़कंप मचा रहा। बीएचयू में विशेषज्ञ चिकित्सकों की आपातकालीन बैठक होने की भी सूचना है। हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई भी कुछ कहने से परहेज़ कर रहा है, लेकिन शाम को बीएचयू के कई चिकित्सकों ने सोशल मीडिया पर 'उन दोनों संदिग्ध सेम्पल' को निगेटिव पाए जाने की बात
कहते हुए 'डोंट पैनिक' का संदेश दिया।सूत्रों के मुताबिक दो-तीन दिन पहले आशंकावश यहां लाए गये करीब 20 लोगों की जांच की गई लेकिन उनमें से दो संदिग्ध सेम्पल को जांच एवं परीक्षण के दायरे में लेकर अन्य को क्लीन पाया गया। खबरों के मुताबिक परीक्षण के बाद 'एक या दो सेंपल' पॉजिटिव पाए जाने की सूचना बिजली की तरह चिकित्सा विज्ञान संस्थान और अस्पताल से जुड़े लोगों में फैल गई। आईएमएस से संबंधित लोगों को मास्क पहने रहने की चेतावनी दे दी गई। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से विश्व स्तर पर कोरोना के लगातार बढ़ते प्रकोप की खबरों से लोगों में एक डर सा बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से जरूरत ना होते हुए भी मास्क एवं सैनिटाइजर जैसी चीजों की अनावश्यक खरीदारी हो रही है। 

सोमवार, अप्रैल 22, 2019

मतदान हेतु जागरूकता अभियान


जौनपुर में 12 मई को होने वाले मतदान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर लगातार जागरूकता
अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार की शाम शहर के कोतवाली चौराहे पर क्यूरियस बैंड ने संगीत संध्या आयोजित किया। अच्छी भीड़ जुटी, लोगों ने गीत-संगीत का आनन्द लिया और मतदान अवश्य करने के कर्तव्य के प्रति सचेत रहने का संदेश भी ग्रहण किया।

शुक्रवार, अप्रैल 20, 2018

        जौनपुर के  मशहूर शायर अंजुम जौनपुरी का हाल  में इंतकाल हो गया। वे करीब 67 वर्ष के थे। अंजुम काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। इंतकाल की खबर पहुंची तो साहित्यकारों एवं उनको जानने वालों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अजमेरी मोहल्ला स्थित उनके आवास पर शुभचिन्तकों तथा कद्रदानों ने पहुँच कर अपनी संवेदना व्यक्त की।
  "शेर गोई मेरी आदत है, ऐ अंजुम!          बदनसीबी ने मेरे फन को उभरने न दिया, 
मरने के बाद कब्र पर आना तुम जरुर, 
अंजुम यह कह रहा है कोई बात आखिरी..." 
   दिल में उतर जाने वाली इन चंद लाइनों की तरह न जाने कितनी गजलों एवं शेरों ने अंजुम जौनपुरी को देश के मशहूर शायरों में शुमार किया था। देश ही नहीं बल्कि  सरहद पार पाकिस्तान में भी लोग अंजुम जौनपुरी को पसंद करते थे। उन्होंने उस्ताद कैफ भोपाली से शायरी की सीख ली। इस दौरान फिराक गोरखपुरी, अली सरदार जाफरी, वामिक जौनपुरी, कुमार बाराबंकी व कैफी आजमी जैसे चोटी के शायरों से भी उनके दोस्ताना रिश्ते स्थापित हुए।